गरमीवाले रातों की ये हवा
मेरे शहर को लपेटके
युं चल रही हैं
सुनसान सी सडकों पर

सुस्त पडे गली कुचे
सडक के किनारे
गठडी बनकर सोया हुआ कुत्ता
पेडों से गिरे हुए पत्तों को
हलका सा झोंका देती ये
गरमी के रातों की हवा
सारे शहर को लपेट के चल रही हैं

ऊपर आसमान में चाँद भी
सुस्त पडा है
चाँदनी की टीमटीमाहट में
शायद वहीं कहीं से
होकर चल रही है.....

मेरे शहर की गरमीवाले रातों की
ये सुस्त गरम हवा

नेहा
 

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